Home » Blog » ‘ट्रंप के टैरिफ ने भारत को अमेरिका संग बातचीत से किया दूर’, पूर्व वित्त सचिव ने रूसी तेल खरीद पर कही बड़ी बात

‘ट्रंप के टैरिफ ने भारत को अमेरिका संग बातचीत से किया दूर’, पूर्व वित्त सचिव ने रूसी तेल खरीद पर कही बड़ी बात

Facebook
Twitter
WhatsApp

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर लगाए गए आरोपों का पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग खंडन किया. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि भारत, रूसी तेल की कीमतों में भारी छूट से मुनाफाखोरी कर रहा है. सुभाष गर्ग ने इस आरोप को आर्थिक हकीकत नहीं, बल्कि राजनीतिक ड्रामा बताया है.

सुभाष गर्ग ने कहा कि CLSA की एक रिपोर्ट ने फायदों की बात को पहले ही खारिज कर दिया है, जिसमें दिखाया गया है कि रूसी कच्चे तेल से भारत की वास्तविक बचत सालाना 25 अरब डॉलर नहीं, बल्कि 2.5 अरब डॉलर के करीब होती है.

ट्रंप किसी भी आंकड़े का कर सकते हैं चयन

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि आप कोई भी संख्या बता सकते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. बस ट्रंप इसे भारत को सजा देने के लिए तलवार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. शिपिंग, बीमा और ब्लेंडिंग लागत को शामिल करने के बाद, भारत को रूसी बैरल पर मिलने वाली वास्तविक प्रभावी छूट अब केवल 3-4 डॉलर प्रति बैरल है.

पूर्व वित्त सचिव ने कहा कि अगर ट्रंप इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं तो वे किसी भी आंकड़े का चयन कर सकते हैं. सच तो ये है कि भारत वैश्विक मूल्य-सीमा के दायरे में रहते हुए रूसी तेल खरीद रहा है. इसमें किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते का उल्लंघन नहीं हो रहा है.

कच्चे तेल की कीमत कम होना भारत के लिए फायदेमंद

सुभाष गर्ग ने चेतावनी दी है कि अगर भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना बंद कर देता है तो यह देश के लिए नुकसानदायक होगा. उन्होंने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमत कम होना भारत के लिए फायदेमंद है. अगर हम पीछे हटते हैं तो इसका फायदा अमेरिका को होगा, लेकिन भारत के हित में नहीं.’

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने पहले कहा था कि भारत पर भारी टैरिफ शुल्क सिर्फ रूस से तेल खरीदने की वजह से नहीं लगाए गए हैं, बल्कि इसलिए भी कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत बहुत लंबी खिंच रही है. 

बातचीत की प्रक्रिया से भारत बाहर

जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापार रिश्तों में बढ़ते तनाव पर सवाल किया गया तो गर्ग ने कहा कि ट्रंप की ओर से 50 परसेंट तक का भारी टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत अब बातचीत की प्रक्रिया से लगभग हट चुका है. कोई भी उस टैरिफ स्तर पर व्यापार नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि भारत को औपचारिक रूप से दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए, बल्कि ये उम्मीद करनी चाहिए कि अमेरिका को किसी ना किसी दिन समझदारी जरूर आएगी.

ये भी पढ़ें:- पुतिन संग मुलाकात से पहले पीएम मोदी ने जेलेंस्की से की बात, बोले- ‘भारत देगा पूरा साथ’





Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें

Verified by MonsterInsights