केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार (29 अगस्त, 2025) को अमेरिकी टैरिफ को लेकर कहा कि भारत, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ के आगे नहीं झुकेगा, बल्कि नए बाजारों की ओर रूख करेगा.
उन्होंने दिल्ली में निर्माण उद्योग से जुड़े एक कार्यक्रम सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत हमेशा से ही मुक्त व्यापार समझौते के लिए तैयार है, लेकिन भारत ना तो झुकेगा और ना ही कभी कमजोर दिखेगा. हम साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे और नए बाजारों पर कब्जा करते रहेंगे.
2024-25 के निर्यात आंकड़ों को भारत करेगा पार
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि इस साल भारत का निर्यात 2024-25 के आंकड़ों को भी पार कर जाएगा. केंद्र सरकार आने वाले दिनों में हर क्षेत्र को समर्थन देने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणा करने वाला है.
मंत्री ने कहा, ‘हम वाणिज्य मंत्रालय में, अपने दूतावासों के माध्यम से दुनिया के अन्य हिस्सों तक पहुंच रहे हैं, ताकि उन अन्य अवसरों की तलाश की जा सके, जिनका हम लाभ उठा सकते हैं. हम घरेलू खपत को बढ़ावा देने पर भी विचार कर रहे हैं.’
अच्छे व्यापार समझौते के लिए भारत तैयार
उन्होंने कहा, ‘आप जल्द ही अगले सप्ताह जीएसटी परिषद की बैठक देखेंगे, ताकि इन बदलावों का प्रभाव आप सभी को बहुत जल्दी महसूस हो सके और इससे पूरे घरेलू विनिर्माण क्षेत्र में मांग को तेजी से बढ़ावा मिल सके.’ गोयल ने कहा कि अगर कोई देश भारत के साथ अच्छा व्यापार समझौता करना चाहता है तो हम उसके लिए हमेशा तैयार हैं. गोयल ने कहा, ‘देश ने अतीत में कोविड-19 वैश्विक महामारी और परमाणु प्रतिबंधों जैसे संकटों का सफलतापूर्वक सामना किया है.
निर्माण क्षेत्र के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में लगभग 10 लाख मकानों की मांग है. उन्होंने भारतीय व्यवसायों, श्रमिकों और विशेषज्ञों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत से वित्तीय सहयोग, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता और कार्यबल समर्थन के लिए तैयार है.
रूसी तेल की भारी खरीद को लेकर भारत पर दंडात्मक कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारत की ओर से रूसी तेल की भारी खरीद के दंडात्मक उपाय के रूप में अमेरिका में आयातित कई भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया. ये शुल्क इसी हफ्ते लागू हुए और ये यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए मास्को पर दबाव बनाने के अमेरिकी प्रयासों का हिस्सा हैं.
ये भी पढ़ें:- राहुल गांधी या फिर ममता, अखिलेश और केजरीवाल; PM मोदी के सामने विपक्ष का कौन बड़ा नेता? सर्वे में खुलासा