Jagat Charcha

हमारे बारे में

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पहचान रखने वाले भारतीय पत्रकारिता का इतिहास स्वर्णिम और गौरवपूर्ण रहा है। पत्रकारिता जगत में अपना योगदान देने वाले अखबारों के परिश्रम और कर्मठता का ही नतीजा है कि आजादी के 70 वर्षों के बाद आज भी वे देश के प्रति अपने कर्तव्यों का बखूबी से पालन कर रहे हैं। इसके साथ ही देश को सही मार्गदर्शन प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस गौरवमयी इतिहास में सभी छोटे-बड़े, क्षेत्रीय-राष्ट्रीय, दैनिक-साप्ताहिक व पाक्षिक समाचार पत्रों का अमूल्य योगदान रहा है।

इन्हीं समाचार पत्रों में से एक है- दैनिक जगत चर्चा। जिसकी नींव डॉ. कैलाश गिरि गोस्वामी जी ने 1 जनवरी, 1993 में रखी थी। मेरठ से हुई इस साप्ताहिक समाचार पत्र की छोटी सी शुरुआत ने मुख्य संपादक विनोद गोस्वामी जी के नेतृत्व में जल्द ही दस हजार से ज्यादा प्रतियां छापने के आंकड़े को छू लिया। अपनी बेबाक लेखनी के लिए मेरठ से अागाज करने वाला यह अखबार बहुत जल्द दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और एनसीआर के पाठकों के भी पसंदीदा अखबारों में शामिल हो गया।