Home » Blog » मासूम बेटा छीन ले गए ससुराली, न्याय के लिए दर-दर भटक रही दलित महिला, राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान

मासूम बेटा छीन ले गए ससुराली, न्याय के लिए दर-दर भटक रही दलित महिला, राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान

Facebook
Twitter
WhatsApp

पति ने समलैंगिक संबंधों के चलते छोड़ा, ससुराल पक्ष ने की दहेज की मां

पंजाब और यूपी के अफसरों को भेजे गए पत्र, आयोगों से भी लगाई गुहार

शोषित क्रांति दल से भी मांगा सहयोग, संगठन ने दिया न्याय का भरोसा

राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष विजय रहातकर ने दिए न्याय के निर्देश

मेरठ।

मेरठ की दलित महिला रजनी अपने बेटे को वापस पाने के लिए प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रही है। पति और ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बाद अब उससे उसका बेटा भी छीन लिया गया है। रजनी की शादी 2015 में मेरठ निवासी अमित हंस से हुई थी। कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने स्कॉर्पियो गाड़ी और दस लाख रुपये की मांग की। मांग पूरी न होने पर उसे लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी गई।

अपने ही मासूम बेटे की तलाश में दर-दर भटक रही एक मां की फरियाद आखिरकार राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंची है। पीड़िता रजनी ने आयोग के समक्ष अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि उसका बेटा आरज (8 वर्ष) पिछले कई महीनों से लापता है और उसे शक है कि उसके पति व ससुराल पक्ष ने उसे छिपा रखा है।


पीड़िता रजनी ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2015 में मेरठ हनुमान पुरी निवासी अमित कुमार से जालंधर के एक गुरुद्वारे में संपन्न हुई थी। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में स्कॉर्पियो गाड़ी व 10 लाख रुपये की मांग की जाने लगी। प्रताड़ना का सिलसिला इतना बढ़ा कि बेटे के जन्म के बाद भी अत्याचार नहीं रुके। यहां तक कि उसके पति के समलैंगिक संबंध होने और किसी पुरुष से विवाह करने के प्रमाण भी रजनी के पास मौजूद हैं। पति अमित हंस के लगभग दर्जन भर पुरुषों से ज्यादा उसके समलैंगिक संबंधों के साक्ष्य पी मौजूद है।

शोषित क्रांति दल से लगाई न्याय की गुहार

रजनी ने सामाजिक संगठन शोषित क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजकर सहयोग मांगा है। उन्होंने पत्र में लिखा हैं कि

“मैं दलित समुदाय से हूं और कई वर्षों से मानसिक, शारीरिक और सामाजिक शोषण का शिकार रही हूं… मेरे बेटे को मुझसे धोखे से छीन लिया गया है… मुझे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं… आपसे अनुरोध है कि इस मामले में हस्तक्षेप करें।”
संगठन के अध्यक्ष रविकांत ने मामले की जानकारी लेकर पीड़िता को हरसंभव न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।


15 अगस्त 2024 को जेठ मनोज व विनोद द्वारा रजनी को मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। इसके बाद वह अपने भाई के साथ जालंधर में रहने लगी। लेकिन 6- 8 अक्टूबर को पति अमित, जेठ मनोज व विनोद अचानक उसके घर पहुंचे और बेटे आरज को जबरन काली स्कॉर्पियो (UP-15-DZ-4774) में उठाकर ले गए। तब से लेकर अब तक रजनी अपने बेटे से नहीं मिल पाई है।

इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजय रहातकर व सदस्य डेलिना खोंगछुप ने 16 मई को विकास भवन सभागार, मेरठ में जनसुनवाई के दौरान पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को एफआईआर दर्ज करने और बच्चे की बरामदगी के निर्देश दिए हैं।

अब देखना यह है कि क्या रजनी को उसका बेटा वापस मिल पाएगा और न्याय की उम्मीद पर खरा उतर पाएगा प्रशासन?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें

Verified by MonsterInsights