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M16 rifles ammunition and dangerous weapons reached the hands terrorists Pakistan cried in UN | M16 रायफल, गोला-बारूद, आतंकियों के हाथ पहुंचे खतरनाक हथियार तो UN में रोया पाकिस्तान, बोला

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पाकिस्तान की राजनीति और सुरक्षा रणनीति का अब उसे भारी कीमत चुकाना पड़ रहा है और यह बात हम नहीं यूएन के मंच पर खुद पाकिस्तान के काउंसलर सैयद आतिफ रजा ने जोर-शोर से उठाई है. 

दरअसल पाकिस्तान ने हमेशा ही अपने बाहरी आतंकवादी संगठनों को सहारा दिया है, खासकर अफगानिस्तान में. पाकिस्तान ने इस देश में अफगान जिहाद को बढ़ावा देकर अपनी सुरक्षा को मज़बूत करने की कोशिश की थी, लेकिन अब वही संगठन पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गए हैं. 

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे संगठन न केवल पाकिस्तानी सेना के लिए चुनौती बन चुके हैं, बल्कि अब उनके पास पाकिस्तान की सेना से भी ताकतवर हथियार हैं. ये हथियार आज पाकिस्तान की सुरक्षा का सबसे बड़ा खतरा साबित हो रहे हैं.

अमेरिका से आए आधुनिक हथियार

अगस्त 2021 में अमेरिका ने अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया और वहां लगभग 7 बिलियन डॉलर का सैन्य सामान छोड़ गया. इस सामानों में भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, नाइट विजन डिवाइसेस और अन्य सैन्य उपकरण भी शामिल थे. तालिबान ने इन हथियारों पर कब्जा किया और उनका खुला व्यापार शुरू कर दिया. यही हथियार अब पाकिस्तान की सख्ती और सत्ता को चुनौती देने वाले आतंकवादी संगठनों के पास पहुंच गए हैं.

TTP और BLA की बढ़ती ताकत

इन संगठनों के पास अब उच्च तकनीकी हथियार हैं जो पाकिस्तान की सेना के लिए बड़ी चुनौती पेश करते हैं. पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में, जैसे बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और FATA, इन समूहों ने पाकिस्तान की सेना के खिलाफ घातक हमले किए हैं. इन हमलों की सफलता का कारण इन संगठनों के पास आधुनिक हथियारों की उपलब्धता है, जिनसे उनकी ताकत कई गुना बढ़ गई है.

पाकिस्तान का दर्द

यूएन में पाकिस्तान के काउंसलर ने खुलकर यह स्वीकार किया कि इन आधुनिक हथियारों का पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा बन चुका है. उन्होंने दुनिया से अपील की कि इन हथियारों पर सख्ती से नियंत्रण लगाया जाए, ताकि आतंकवादियों तक उनकी पहुंच रोकी जा सके. पाकिस्तान ने यह भी कहा कि ये हथियार सिर्फ आतंकवादियों के हाथों में नहीं, बल्कि आम नागरिकों और सेना के लिए भी खतरनाक साबित हो रहे हैं. 

अपनी नीतियों का परिणाम

पाकिस्तान की पुरानी नीति, जिसमें आतंकवादियों को अपने लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता था, अब उलटी पड़ गई है. ISI की ‘गुड टेररिस्ट-बैड टेररिस्ट’ की नीति अब पूरी तरह से विफल हो चुकी है. TTP और BLA जैसे संगठनों ने अब पाकिस्तान की रणनीतियों को ही चुनौती दे डाली है. जिन आतंकवादियों को कभी पाकिस्तान ने अपनी मदद के लिए बढ़ावा दिया था, वही आज उसकी नीतियों के खिलाफ खड़े हो गए हैं.

कश्मीर में भी वही हथियार

पाकिस्तान के पास जो हथियार अब आतंकवादियों तक पहुंच रहे हैं, वही हथियार कभी पाकिस्तान ने कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के लिए इस्तेमाल किए थे. साल 2022 में भारतीय सुरक्षा बलों ने कश्मीर में कई ऑपरेशनों के दौरान इन अमेरिकी हथियारों को पकड़ा था, जो पाकिस्तान द्वारा भेजे गए थे. अब वही हथियार पाकिस्तान के खिलाफ आकर उसे चोट पहुंचा रहे हैं.

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