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PAK संग सीजफायर के बाद भी जारी साइबर वॉर, ISI और खालिस्तानी संगठन मिलकर फैला रहे झूठा प्रोपेगेंडा

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भारत और पाकिस्तान के बीच 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद चला 4 दिन तक का संघर्ष 10 मई को संघर्ष विराम के बाद खत्म हो गया था, लेकिन इस संघर्षविराम के साढ़े 3 महीने के बाद भी साइबर स्पेस में लगातार भारत और पाकिस्तान के बीच मिसइनफॉर्मेशन का युद्ध चल रहा है और हर रोज पाकिस्तानी सेना (ISPR) और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI भारत के खिलाफ गलत जानकारियां और एजेंडा सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रही हैं और वायरल करवा रही है. 

अब ताजा कड़ी में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और खालिस्तानी संगठनों के भारत के खिलाफ एक ही जैसा झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने का मामला सामने आया है. गुरुवार (28 अगस्त, 2025) को दोपहर से ही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के प्रायोजित अकाउंट्स और खालिस्तानी संगठनों ने एक साथ सोशल मीडिया पर झूठा प्रोपेगेंडा शुरू किया कि पाकिस्तान में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे को बाढ़ से डूबने के लिए भारत ने डैम के गेट बिना किसी चेतावनी के खोल दिए थे. 

RAW का फर्जी दस्तावेज सोशल मीडिया पर किया शेयर

साथ ही इस झूठ को सच दिखाने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के प्रायोजित और बॉट अकाउंट्स ने भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) का एक फर्जी दस्तावेज भी सोशल मीडिया पर साझा किया, ताकि भारत और दुनिया के बाकी हिस्सों में बसे सिखों की भावनाओं को भड़काया जा सके.

जब इस पूरे प्रोपेगेंडा की एबीपी न्यूज ने आईपी एनालिसिस के तहत तफ्तीश की तो सामने आया कि भारत के खिलाफ इस झूठ को भारत में रहने वाले सिखों तक फैलाने के लिए 100 से ज़्यादा पाकिस्तानी अकाउंट्स ने VPN का इस्तेमाल करके लोकेशन भारत की रखी थी. साथ ही भारतीय नामों का प्रयोग किया था, ताकि उनका ये झूठ भारत में रहने वाले अधिक सिखों तक पहुंचे और देश का माहौल खराब हो. 

पहले भी प्रोपेगेंडा फैला चुका है पाक

इसी तरह दुनियाभर में बसे सिखों तक इस झूठ को फैलाने के लिए खालिस्तानी संगठनों की मदद ली गई थी. वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब पाकिस्तान भारत को तोड़ने के लिए और सिखों को भड़काने के इस तरह का साइबर स्पेस में कोई प्रोपेगेंडा फैला रहा हो.

साल 2024 तक आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस की वेबसाइट का संचालन पाकिस्तान के IP एड्रेस से होता था. साथ ही भारत का वांटेड आतंकी गोपाल चावला भी पाकिस्तान में रहकर खालिस्तानी नेटवर्क का संचालन कर रहा है. 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था आगाह

इसी हफ्ते बुधवार (27 अगस्त, 2025) को देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रण संवाद को संबोधित करते हुए कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर ने हमें आज के युग में सूचना और साइबर युद्ध के महत्व को समझाया है और यह सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि हमारी सूचना और साइबर संरचना और भी मजबूत हो. साथ ही हमें इस विषय पर गहन विचार और सावधानीपूर्वक विचार करना चाहिए.’ 

सूत्रों के मुताबिक 10 मई को संघर्ष विराम के बाद से अब तक भारत के खिलाफ 250 से ज़्यादा मिशइनफॉर्मेशन कैंपेन पाकिस्तान की तरफ से फैलाए जा चुके हैं. साथ ही PIB की फैक्ट चेक यूनिट के माध्यम से इन मिशइनफॉर्मेशन कैंपेन का भंडाफोड़ भी किया जा रहा है, लेकिन जब तक सरकारी तंत्र पाकिस्तान प्रायोजित झूठ को खारिज करता है, तब तक झूठ लाखों लोगों तक पहुंच चुका होता है.

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