Home » Blog » PM Modi Japan Visit: भारत-जापान मिलकर बनाएंगे बुलेट ट्रेन! स्पीड इतनी सोच भी नहीं सकते आप, पीएम मोदी फाइनल कर सकते हैं डील

PM Modi Japan Visit: भारत-जापान मिलकर बनाएंगे बुलेट ट्रेन! स्पीड इतनी सोच भी नहीं सकते आप, पीएम मोदी फाइनल कर सकते हैं डील

Facebook
Twitter
WhatsApp

भारत और जापान की साझेदारी अब केवल अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड बुलेट रेलवे परियोजना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोनों देश मिलकर ई 10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन का संयुक्त निर्माण कर सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान इस महत्वपूर्ण समझौते की घोषणा हो सकती है.

यह सहयोग दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करेगा. जिस तरह चार दशक पहले मारुति-सुजुकी ने मिलकर भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में क्रांति लेकर आया था, उसी तरह यह प्रोजेक्ट भारतीय परिवहन व्यवस्था में नई ऊर्जा भर सकता है.

ई10 शिंकानसेन बनाम ई5 तकनीक और गति का अंतर
भारत को पहले ई5 शिंकानसेन मिलने की उम्मीद थी, जिसकी अधिकतम गति 320 किमी प्रति घंटा है. हालांकि, पीएम मोदी की गहरी रुचि और जापानी नेतृत्व के साथ बेहतरीन तालमेल के कारण अब भारत को ई10 शिंकानसेन मिल सकता है, जिसकी गति 400 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है. ई10 शिंकानसेन का डिजाइन जापान की ALFA-X प्रायोगिक ट्रेन से विकसित किया गया है. इस नई पीढ़ी की ट्रेन में अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीकें और ऊर्जा दक्षता पर खास ध्यान दिया गया है. यही कारण है कि इसे भारत की तेज रफ्तार परिवहन जरूरतों के लिए सही विकल्प माना जा रहा है.

अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेलवे परियोजना पर असर
भारत-जापान साझेदारी के तहत चल रही अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेलवे परियोजना की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है. हालांकि इस परियोजना में काफी देरी हुई है. इस वजह से इसके लागत में वृद्धि हुई है, लेकिन जापान अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है. गुजरात में इस परियोजना का पहला 50 किलोमीटर 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है, जबकि बाकी का हिस्सा 2029 तक चालू हो सकता है. नई ई10 तकनीक के आने से भारत में न केवल बुलेट ट्रेनों का भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि तीसरे देशों को भी इन ट्रेनों की आपूर्ति संभव हो सकेगी.

मोदी-इशिबा शिखर सम्मेलन और भविष्य की संभावनाएं
प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा 29 अगस्त को टोक्यो में वार्षिक शिखर सम्मेलन में मिलेंगे. इसके बाद दोनों नेता शिंकानसेन से सेंडाई यात्रा करेंगे और वहां एक सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा करेंगे. इस यात्रा का मैसेज क्लियर है कि  जापान भारत की बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर काफी गंभीर है.

ये भी पढ़ें: ‘कुछ दिन के लिए…’, हिंदू त्योहारों पर नॉन-वेज की दुकानें बंद करने को लेकर RSS चीफ मोहन भागवत का बड़ा बयान





Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें

Verified by MonsterInsights