Home » Latest News » US has demanded to pass a bill related to abolition of OPT program WILL impact on Indian STEM students

US has demanded to pass a bill related to abolition of OPT program WILL impact on Indian STEM students

Facebook
Twitter
WhatsApp


US Visa Policy:  Optional Practical Training (OPT) अमेरिकी इमीग्रेशन सिस्टम का एक अहम हिस्सा है. यह  F-1 वीजा पर पढ़ाई कर रहे विदेशी छात्रों को  कोर्स पूरा करने के बाद 1 से 3 साल तक वर्क एक्सपीरिएंस हासिल करने में मदद करता है. यह खासकर STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) क्षेत्रों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए काफी जरूरी माना जाता है. यह प्रोग्राम H-1B वर्क वीजा के लिए एक पुल की तरह काम करता है.

स्टैंडर्ड OPT की अवधि 12 महीने का होता है. इसमें STEM OPT एक्सटेंशन की मदद से टाइम 24 महीने के लिए बढ़ जाता है. हालांकि,2025 की शुरुआत में अमेरिकी कांग्रेस में प्रस्तुत एक बिल ने OPT प्रोग्राम को पूरी तरह से समाप्त करने की मांग की है. यह प्रस्ताव अमेरिकी श्रम बाजार की सुरक्षा और अप्रवासी विरोधी रणनीतियों के तहत पेश किया गया है. यह बिल अगर पारित हो गया तो इससे लाखों विदेशी छात्रों की कैरियर संभावनाएं ध्वस्त हो सकती हैं.
 
OPT प्रोग्राम के न होने से होगी दिक्कत
OPT प्रोग्राम को पूरी तरह से समाप्त करने की वजह से पढ़ने वाले लोगों को कई तरह की प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है. इसका सबसे ज्यादा असर भारतीय छात्रों पर देखा जा सकता है. इसके खत्म हो जाने से कई तरह की दिक्कतें आएंगी, जो निम्नलिखित है.

  • H-1B वीजा तक पहुंच सीमित हो जाएगी.
  • कार्य अनुभव प्राप्त करने का मौका खत्म हो जाएगा.
  • STEM छात्रों के लिए यूएस में करियर की राह बंद हो जाएगी.
  • छात्रों के लिए लोन चुकाने की संभावना न के बराबर हो जाएगी.

मामले पर एक प्रमुख इमिग्रेशन लॉयर पूर्वी चोथानी का कहना है कि अगर बिल पास हो गया तो छात्रों को तुरंत अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है.

भारतीय छात्रों पर प्रभाव
ओपन डोर्स 2024 रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में 331,602 भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ रहे हैं, जिनमें से करीब 97,556 OPT प्रोग्राम का हिस्सा हैं. यह दर्शाता है कि यह कानून भारत जैसे देशों के छात्रों को सबसे अधिक प्रभावित करेगा, क्योंकि वे बड़े पैमाने पर STEM क्षेत्रों में दाखिला लेते हैं. OPT के बिना अमेरिकी वेतन नहीं मिलेगा, जिससे स्टूडेंट लोन चुकाना मुश्किल हो जाएगा. भविष्य की शिक्षा योजनाओं में अनिश्चितता देखने को मिलेगी. विज्ञान व टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों का अमेरिका से पलायन हो जाएगा. मल्टीनेशनल कंपनियों को स्किल्ड टैलेंट की कमी का सामना करना पड़ सकता है.

शिक्षा संस्थानों और छात्रों की प्रतिक्रिया
प्रमुख अमेरिकी संस्थानों जैसे कि कॉर्नेल, कोलंबिया, येल आदि ने अनौपचारिक रूप से अपने विदेशी छात्रों को छुट्टियों के दौरान घर नहीं जाने की सलाह दी है. कई छात्रों ने गर्मियों की यात्रा रद्द कर दी है क्योंकि उन्हें अमेरिका में दोबारा प्रवेश न मिल पाने का डर है. कुछ छात्र H-1B वीजा की लॉटरी के लिए जल्दी आवेदन कर रहे हैं. कई छात्र अब कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में अवसर तलाश रहे हैं.

क्या है छात्रों के लिए विकल्प?
अगर OPT समाप्त होता है तो छात्रों को जल्द से जल्द H-1B वीजा प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए. यूके में पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा की सुविधा की तालाश शुरू कर देना चाहिए. कनाडा में PR प्रक्रिया और स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम बेहतर विकल्प हो सकता है. बड़ी कंपनियां अपने वैश्विक नेटवर्क के ज़रिए छात्रों को अन्य देशों में ट्रांसफर कर सकती हैं.

भारतीय STEM छात्रों के भविष्य पर गंभीर सवाल
OPT प्रोग्राम को खत्म करने की यह पहल अमेरिका में पढ़ने आए हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्रों, विशेषकर भारतीय STEM छात्रों, के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े करती है. यह कदम न केवल अमेरिका के लिए स्किल्ड टैलेंट की उपलब्धता को प्रभावित करेगा, बल्कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उसकी प्रतिष्ठा को भी कम कर सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें

Verified by MonsterInsights